‘पूर्वांचल गांधी’ का आर-पार का ऐलान: “रुपया ₹95 के पार, अब संसद पर होगा इंकलाब”
नई दिल्ली/गोरखपुर | ब्यूरो रिपोर्ट: के. एन. साहनी
देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच ‘पूर्वांचल गांधी’ के नाम से चर्चित डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। महामहिम राष्ट्रपति को लिखे अपने पत्र में उन्होंने वर्तमान आर्थिक हालात को ‘आर्थिक गुलामी’ बताते हुए 14 अप्रैल को दिल्ली के संसद मार्ग पर आंदोलन का आह्वान किया है।
रुपया @95: “गिर रही है जनता की जिंदगी”
डॉ. मल्ल ने हालिया आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि रुपये का 95 के पार जाना देश की आर्थिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“आज रुपया ही नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों का जीवन स्तर गिर रहा है। ऐसे में सरकार को जवाब देना चाहिए।”
‘जालिम टैक्स’ और ‘फ्यूल लॉकडाउन’ की मांग
सरकार की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए डॉ. मल्ल ने कई मांगें रखीं:
जरूरी वस्तुओं पर टैक्स खत्म: आटा, चावल, दाल, तेल, दूध और जीवनरक्षक दवाओं पर GST समाप्त करने की मांग
VVIP कल्चर खत्म करने की अपील: नेताओं के विमान और लग्जरी काफिलों पर ‘फ्यूल लॉकडाउन’ लागू करने की मांग
समान व्यवस्था: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता के लिए समान बनाने हेतु निजी संस्थानों के राष्ट्रीयकरण की वकालत
14 अप्रैल को आंदोलन का ऐलान
डॉ. मल्ल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) को संसद मार्ग पर ‘सत्य और अहिंसा’ आधारित बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा सकता है, इसलिए उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
सत्ता परिवर्तन की मांग
अपने पत्र में डॉ. मल्ल ने राष्ट्रपति से अपील करते हुए देश की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए वैकल्पिक नेतृत्व की भी बात कही। उन्होंने सुब्रमण्यम स्वामी और नीतीश कुमार जैसे नेताओं को जिम्मेदारी देने का सुझाव दिया।
कौन हैं डॉ. संपूर्णानंद मल्ल?
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल दिल्ली विश्वविद्यालय से आर्कियोलॉजी में पीएचडी कर चुके हैं। वे अब तक 200 से अधिक सत्याग्रह, 24 आमरण अनशन और कई जन आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके हैं। गोरखपुर में 10 हजार पेड़ों का ‘योगी गोरख उद्यान’ लगाकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
ऐसी ही निष्पक्ष और निडर खबरों के लिए जुड़े रहें ‘सच्ची रिपोर्ट’ के साथ।