वैश्विक तिरंगा अभियान के माध्यम से युवाओं ने उठाई सामाजिक परिवर्तन की मशाल

कुशीनगर।
राष्ट्रहित और समाज सुधार की भावना से प्रेरित होकर “वैश्विक तिरंगा अभियान” के अंतर्गत एक भारतीय युवा द्वारा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध प्रभावशाली जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह उन्मूलन, बाल श्रम निषेध तथा बालिकाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर समाज को जागरूक करना है।
अभियान का मूल विश्वास है कि जब तक देश की बेटियाँ सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त नहीं होंगी, तब तक राष्ट्र का समग्र और संतुलित विकास संभव नहीं है। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि आज का भारतीय युवा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध वैश्विक मंच पर भी अपनी आवाज बुलंद करने का साहस और संकल्प रखता है।
अभियान से जुड़े युवा का कहना है कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने में युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब युवाशक्ति आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभाए और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बने। इस दिशा में विद्यालयों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
अभियान को सफल बनाने में कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल परिवार के सदस्यों, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों तथा कुशीनगर जनपद के सभी साथियों का विशेष योगदान रहा है। अभियान के आयोजक ने सभी सहयोगियों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के जनजागरूकता अभियान निरंतर चलते रहे, तो निश्चित ही समाज में बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को नई दिशा मिलेगी और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया और अधिक सशक्त होगी।
यह पहल राष्ट्रहित में युवाशक्ति की प्रतिबद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रही है।
रिपोर्ट – के एन साहनी