20 वर्षों की सेवा यात्रा: भिनगा से कसया तक पहुंचे उपनिबंधक अधिकारी मनोज कुमार गौतम

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20 वर्षों की सेवा यात्रा: भिनगा से कसया तक पहुंचे उपनिबंधक अधिकारी मनोज कुमार गौतम

श्रावस्ती, देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर की विभिन्न तहसीलों में निभाईं जिम्मेदारियां; भ्रष्टाचार मुक्त परिसर, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण रजिस्ट्री पर जोर।

सच्ची रिपोर्ट | के.एन. साहनी | कुशीनगर।

सरकारी सेवा में स्थानांतरण, नई जिम्मेदारियां और अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में काम करने का अनुभव किसी भी अधिकारी की सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। उपनिबंधक अधिकारी मनोज कुमार गौतम ने वर्ष 2006 में श्रावस्ती जनपद के भिनगा से अपनी नौकरी की शुरुआत की। लगभग दो दशक की इस सेवा यात्रा में उन्होंने देवरिया, कुशीनगर और गोरखपुर जनपद की विभिन्न तहसीलों में कार्य किया। वर्तमान में वर्ष 2025 से वह कुशीनगर की कसया तहसील में उपनिबंधक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

भिनगा से शुरू हुई सेवा यात्रा

जनपद कुशीनगर के थाना रामकोला क्षेत्र में अमवा मंदिर के समीप स्थित एक गांव के निवासी मनोज कुमार गौतम की पहली तैनाती वर्ष 2006 में श्रावस्ती जनपद के भिनगा में सहायक निबंधक के पद पर हुई। यहीं से उनके सरकारी सेवाकाल का आगाज हुआ। शुरुआती तैनाती के बाद वर्ष 2015 में उनका स्थानांतरण देवरिया जनपद में हुआ, जहां उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।

तमकुहीराज से हाटा और खड्डा तक का सफर

देवरिया में सेवाएं देने के बाद मनोज कुमार गौतम की तैनाती कुशीनगर जनपद में हुई। वर्ष 2022 में उन्हें तमकुहीराज तहसील में उपनिबंधक अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी मिली, जहां उन्होंने लगभग 15 महीने तक कार्य किया। इसके बाद स्थानांतरण के क्रम में वह हाटा तहसील पहुंचे। फिर वर्ष 2023-24 के दौरान खड्डा तहसील में सेवाएं दीं।

खड्डा के बाद उन्हें दोबारा तमकुहीराज तहसील में तैनाती मिली, जहां उन्होंने करीब आठ महीने कार्य किया। इसके पश्चात उनका स्थानांतरण गोरखपुर जनपद की बांसगांव तहसील में हुआ। अलग-अलग तहसीलों में कार्य करने के दौरान उनकी सेवा यात्रा विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों से होकर गुजरी।

गोरखपुर से फिर कुशीनगर, अब कसया में जिम्मेदारी

वर्ष 2025 में मनोज कुमार गौतम को गोरखपुर जनपद की बांसगांव तहसील से स्थानांतरित कर कुशीनगर की कसया तहसील में उपनिबंधक अधिकारी के रूप में तैनात किया गया। तब से वह यहां भूमि के बैनामा, रजिस्ट्री और संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण से जुड़े कार्यों का दायित्व संभाल रहे हैं।

इस प्रकार वर्ष 2006 में भिनगा से शुरू हुई उनकी सेवा यात्रा दो दशकों में कई पड़ावों से गुजरी है। श्रावस्ती से देवरिया, फिर कुशीनगर की विभिन्न तहसीलों और गोरखपुर होते हुए कसया तक का सफर उनके सेवाकाल का प्रमुख हिस्सा है।

भ्रष्टाचार मुक्त परिसर और पारदर्शिता प्राथमिकता

मनोज कुमार गौतम की कार्य प्राथमिकताओं में रजिस्ट्री कार्यालय परिसर को भ्रष्टाचार मुक्त रखना, बैनामा एवं रजिस्ट्री की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना शामिल है।

भूमि की खरीद-बिक्री किसानों और आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में रजिस्ट्री कार्यालय में आने वाले लोगों को नियमों की स्पष्ट जानकारी मिलना, दस्तावेजों की प्रक्रिया व्यवस्थित रहना और निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य होना आवश्यक है।

कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता से आम लोगों का भरोसा मजबूत होता है। भ्रष्टाचार मुक्त परिसर की प्राथमिकता का उद्देश्य भी यही है कि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में अनावश्यक परेशानी न हो और नागरिक नियमानुसार अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें।

दो दशक की सेवा यात्रा के बाद कसया पर निगाहें

वर्ष 2006 से 2026 तक की सेवा यात्रा में मनोज कुमार गौतम ने अलग-अलग जनपदों और तहसीलों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में कसया तहसील में उनकी भूमिका भूमि पंजीकरण से जुड़े कार्यों को नियमसम्मत और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की है।

जनता की अपेक्षा है कि रजिस्ट्री कार्यालय में पारदर्शिता बनी रहे, किसानों और आम नागरिकों को आवश्यक सहयोग मिले तथा बैनामा और पंजीकरण की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी हो। भ्रष्टाचार मुक्त परिसर, शांतिपूर्ण रजिस्ट्री और पारदर्शी कार्यप्रणाली की प्राथमिकताओं को व्यवहार में लागू करना ही इस सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

रिपोर्ट: के.एन. साहनी | सच्ची रिपोर्ट, कुशीनगर।

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