UGC रेगुलेशन,UGC NET, की हत्या कर डॉo संपूर्णानंद मल्ल को DDU विश्व विद्यालय  से किया गया है बर्खास्त।

गोरखपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस, डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने उठाए कई सवाल

यूजीसी रेगुलेशन , यूजीसी नेट की हत्या कर डीडीयू ने किया अपराध

हजारों पेड़ काटने का अभियोग दर्ज हो

UGC रेगुलेशन,UGC NET, की हत्या कर डॉo संपूर्णानंद मल्ल को DDU विश्व विद्यालय से किया गया है बर्खास्त


गोरखपुर। गोरखपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्वांचल गांधी एवं पुरातत्वविद् डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने पत्रकारों के समक्ष अपनी लंबित मांगों और विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से वे न्याय की मांग को लेकर विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं, विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को हजारों पत्र भेज चुके हैं, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिला।
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. मल्ल ने आरोप लगाया कि उनकी शैक्षणिक योग्यता, शोध कार्यों तथा उपलब्धियों की उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि वे यूजीसी-नेट, पीएचडी तथा पुरातत्व विषय के शोधकर्ता हैं। उनका दावा है कि उनकी शोधपरक पुस्तकों एवं पुरातात्विक अनुसंधान संबंधी कृतियों का अध्ययन देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लगभग 18 वर्ष पूर्व उनकी नियुक्ति मानदेय के आधार पर असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुई थी। इसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों के कारण उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने अपनी बहाली तथा सेवा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
डॉ. मल्ल ने कहा कि उनके साथ हुए कथित अन्याय का प्रभाव केवल उन पर ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर पड़े प्रतिकूल प्रभाव का भी मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि उनकी नियुक्ति और बहाली की मांग करते-करते लगभग दो दशक बीत गए। अब उनकी सेवा अवधि में केवल लगभग सात माह का समय शेष रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उनके मामले का निस्तारण किया गया होता तो वे शिक्षा, शोध और पुरातत्व के क्षेत्र में और अधिक योगदान दे सकते थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उनके मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना था कि यदि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
डॉ. मल्ल ने कहा कि जब तक उनके प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता, तब तक वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने अपनी बहाली, लंबित मामलों की जांच तथा न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकारों ने उनके आरोपों और मांगों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर दिया।


सच्ची रिपोर्ट, गोरखपुर।

Related Post

Leave a Comment

Breaking News

Follow me

इस तरह की वेबसाइट बनवाने के लिए संपर्क करे

Mob 8948760348 Add- Ravindra Nagar, Padrauna, Kushinagar