आरटीआई कार्यकर्ता के कथित उत्पीड़न मामले में एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
कुशीनगर। सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता एसोसिएशन, कुशीनगर ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संगठन के पदाधिकारी एवं सक्रिय आरटीआई कार्यकर्ता अरुण सिंह के साथ कथित पुलिस उत्पीड़न, अनुचित चालान और सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल किए जाने के मामले में निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार राव द्वारा दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 29 मई 2026 को थाना रविंद्रनगर धूस क्षेत्र में तैनात उपनिरीक्षक द्वारा अरुण सिंह को बिना स्पष्ट कारण बताए पुलिस वाहन में बैठाकर थाने लाया गया। ज्ञापन के अनुसार उन्हें रातभर थाने में रखा गया तथा अगले दिन उनका चालान कर एसडीएम न्यायालय भेज दिया गया।
संगठन का कहना है कि अरुण सिंह लंबे समय से आरटीआई, आईजीआरएस और अन्य माध्यमों से जनहित एवं भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। ऐसे में संगठन के कार्यकर्ताओं में आशंका है कि यह कार्रवाई उनके सामाजिक एवं जनहित कार्यों के कारण दुर्भावनावश की गई हो सकती है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही 29 एवं 30 मई 2026 की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, जीडी प्रविष्टियों तथा अन्य अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अरुण सिंह को किन परिस्थितियों और किस वैधानिक आधार पर थाने में रखा गया तथा उनका चालान किया गया।
एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, अधिकारों के दुरुपयोग या अनुचित कार्रवाई की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की जाए। संगठन ने आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग उठाई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि निष्पक्ष जांच होने से संगठन के कार्यकर्ताओं में व्याप्त आक्रोश एवं असंतोष समाप्त होगा और न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।
