जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही का आरोप, तहसील प्रशासन ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई के दिए संकेत

जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही का आरोप, तहसील प्रशासन ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई के दिए संकेत

कसया, कुशीनगर। जनगणना-2027 के तहत चल रहे गृह सूचीकरण एवं सर्वेक्षण कार्य में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन ने एक सहायक अध्यापक द्वारा निर्धारित जनगणना कार्य समय पर पूरा न किए जाने और संपर्क से बाहर रहने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी पडरौना को पत्र भेजा है।
कार्यालय चार्ज अधिकारी, जनगणना कसया (ग्रामीण) द्वारा जारी पत्र के अनुसार विकासखंड पडरौना के सहायक अध्यापक प्रिन्स त्रिपाठी की ड्यूटी जनगणना कार्य में प्रगणक के रूप में लगाई गई थी। संबंधित सुपरवाइजर की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि उनके जिम्मे सौंपा गया सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया जा रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि पिछले कुछ दिनों से संबंधित प्रगणक द्वारा कोई कार्य नहीं किए जाने की सूचना प्राप्त हुई है तथा दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास भी सफल नहीं हो सका। प्रशासन ने इसे शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर उदासीनता मानते हुए मामले का संज्ञान लिया है।
जनगणना अधिनियम का दिया गया हवाला
तहसील प्रशासन ने अपने पत्र में जनगणना अधिनियम, 1948 की विभिन्न धाराओं का उल्लेख करते हुए कहा है कि जनगणना कार्य राष्ट्रीय महत्व का दायित्व है और इसमें नियुक्त कर्मचारियों को निर्धारित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। अधिनियम में कार्य में बाधा उत्पन्न करने अथवा आदेशों की अवहेलना करने पर दंडात्मक प्रावधान भी मौजूद हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी से मांगी गई रिपोर्ट
चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार कसया ने खंड शिक्षा अधिकारी पडरौना को निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक से तत्काल संपर्क स्थापित कर जनगणना कार्य पूर्ण कराया जाए। साथ ही, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की जानकारी जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी कुशीनगर, अपर जिलाधिकारी, उप जिला जनगणना अधिकारी तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है, जिससे पूरे प्रकरण की निगरानी उच्च स्तर पर की जा सके।
जनगणना-2027 को केंद्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। ऐसे में जनगणना कार्य में लापरवाही संबंधी यह मामला प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट : ओम पत्रिका न्यूज

Related Post

Leave a Comment