कृषि मंत्री ने किया कृषि विश्वविद्यालय का निरीक्षण
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह “तंवर” भी रहे शामिल

कुशीनगर 20 जुलाई 2026 के अंत तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश
सूर्य प्रताप शाही ने जनपद कुशीनगर स्थित निर्माणाधीन महात्मा गौतम बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान महेंद्र सिंह तंवर भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए।
कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों ने मंत्री को अवगत कराया कि एकेडमिक ब्लॉक, लेक्चर हॉल, टाइप-1 एवं टाइप-2 आवास, छात्रावास (बालक एवं बालिका) सहित कई निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और वर्तमान में फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। विश्वविद्यालय भवन की संरचना तथा गेस्ट हाउस का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
कृषि मंत्री ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय का समस्त निर्माण कार्य हर हाल में जुलाई 2026 के अंत तक पूरा किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर मुख्य मार्ग से विश्वविद्यालय को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में डेंचा बीज की उपलब्धता एवं वितरण, यूरिया एवं डीएपी की उपलब्धता, फार्मर रजिस्ट्री तथा अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डेंचा बीज अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए तथा उसकी बुवाई सुनिश्चित कराई जाए, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़े और फसल उत्पादन बेहतर हो सके। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार, उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता तथा किसानों को उनकी भूमि के रकबे के अनुसार ही यूरिया एवं डीएपी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जनपद होने के कारण उर्वरकों के वितरण में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध आपूर्ति को रोका जा सके। अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में यूरिया, डीएपी तथा डेंचा बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा भविष्य की मांग को देखते हुए अतिरिक्त उर्वरकों की उपलब्धता के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी, कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
