जनपद कुशीनगर में एन एच एम कर्मियों का धरना
समान कार्य के लिए समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा की उठाई आवाज, मांगें पूरी नहीं होने पर लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी
कुशीनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। जिलाध्यक्ष सतेंद्र पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित धरने के दौरान कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबे समय से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की आवाज उठाई।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और जॉब सिक्योरिटी यानी नौकरी की सुरक्षा को अपनी प्रमुख मांग बताया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान स्थायित्व और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि संविदा पर लंबे समय से कार्य करने के बावजूद भविष्य की नौकरी को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। ऐसे में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर लखनऊ में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
धरने के दौरान एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष सतेंद्र पाण्डेय, एनएचएम महिला संघ की जिला मंत्री डिम्पल सिंह तथा महिला जिलाध्यक्ष डॉ. सीमा ने अपनी बात रखी। कर्मचारियों ने शासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकालने की अपील की।
बाइट: सतेंद्र पाण्डेय, जिलाध्यक्ष, एनएचएम संघ
बाइट: डिम्पल सिंह, जिला मंत्री, एनएचएम महिला संघ
बाइट: डॉ. सीमा, महिला जिलाध्यक्ष, एनएचएम संघ
एडिटर: सच्ची रिपोर्ट
