अवैध पटाखा कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई, लेकिन बरामदगी की तस्वीरें क्यों नहीं?

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मुख्य व्यक्ति असलम का नाम कार्रवाई से बाहर होने की चर्चा, मकान मालिक के बयान ने बढ़ाया सवाल
देवरिया। महुआडीह थाना क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा बनाए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब बरामदगी और कार्रवाई की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस के अनुसार कसया-गोरखपुर रोड स्थित टोल प्लाजा के पास एक मकान से करीब दो कुंतल निर्मित व अर्धनिर्मित पटाखे, तीन किलो बारूद, बत्ती, कागज और पटाखा निर्माण से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद की गई तथा दो लोगों को हिरासत में लिया गया।
लेकिन कार्रवाई के दौरान मीडिया को मौके से बाहर ही रोक दिया गया और बरामद पटाखों व अन्य सामग्री की तस्वीरें मीडिया के सामने प्रस्तुत नहीं की गईं। इससे पूरी कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।
मकान मालिक के बयान से उठे सवाल
मकान मालिक राजकिशोर सिंह पुत्र स्वर्गीय काशी सिंह, निवासी भुजौली, थाना महुआडीह, देवरिया के कथित बयान के अनुसार मकान असलम निवासी नौतन हथियागढ़ ने किराए पर लिया था। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि यदि असलम ने मकान किराए पर लेकर वहां पटाखा निर्माण कराया था तो उसकी भूमिका की जांच किस स्तर पर हुई और उसका नाम कार्रवाई में क्यों नहीं दिखाई दे रहा है?
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि पुलिस टीम दिन के उजाले में उक्त मकान में दाखिल हुई और काफी देर बाद कार्रवाई पूरी कर बाहर निकली। मीडिया कर्मियों को बाहर रोककर रखा गया, जिसके चलते मौके पर बरामदगी की स्वतंत्र तस्वीरें या प्रत्यक्ष दृश्य सामने नहीं आ सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस ने जिस बड़ी मात्रा में पटाखा और बारूद बरामद करने का दावा किया है, उसकी मौके की तस्वीरें मीडिया के सामने क्यों नहीं रखी गईं? साथ ही, मकान किराए पर लेने वाले बताए जा रहे असलम की भूमिका और उसके विरुद्ध कार्रवाई को लेकर भी पुलिस की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
पुलिस का पक्ष: क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी के अनुसार दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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