जानकीनगर के लाल बालाजी को बिहार से सकुशल बरामद करने में रवींद्र नगर पुलिस को बड़ी सफलता
आरोपी गिरफ्तार, सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज; पुलिस की तत्परता और तकनीकी सूझबूझ से कुछ ही घंटों में बिहार से बरामद हुआ मासूम
रिपोर्ट: के. एन. साहनी | सच्ची रिपोर्ट
कुशीनगर। नागपंचमी के दिन जानकीनगर निवासी संदीप शर्मा के करीब तीन वर्षीय पुत्र बालाजी उर्फ अतुल के अचानक लापता होने से परिवार में कोहराम मच गया। मासूम के गायब होने की सूचना मिलते ही परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना रवींद्र नगर धूस पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाई और तकनीकी माध्यमों की मदद से बच्चे की लोकेशन का पता लगाते हुए बिहार तक पहुंचकर उसे सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चे की सकुशल बरामदगी से जहां पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की, वहीं कई घंटों से परेशान परिवार में एक बार फिर खुशियां लौट आईं। अपने लाल को सकुशल देखकर माता-पिता और परिजन भावुक हो उठे। बच्चे की मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
ट्रैक्टर चालक द्वारा बच्चे को ले जाने की मिली सूचना
जानकारी के अनुसार जानकीनगर निवासी संदीप शर्मा पुत्र सुभाष शर्मा का करीब तीन वर्षीय पुत्र बालाजी उर्फ अतुल नागपंचमी के दिन लापता हो गया था। पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम सोनारिया निवासी अजीत दुबे के ट्रैक्टर चालक राम मिलन पुत्र राधाकृष्ण यादव निवासी बगहवा, थाना धनहा, जिला पश्चिमी चंपारण, बिहार द्वारा बच्चे को ले जाया गया है।
मामले की सूचना थाना रवींद्र नगर धूस पुलिस को शाम करीब पांच बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
मोबाइल नेटवर्क बना अहम सुराग
थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह एवं वरिष्ठ उपनिरीक्षक महेंद्र यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यमों से मामले की जांच शुरू की। मोबाइल नेटवर्क और लोकेशन को अहम सुराग बनाते हुए पुलिस टीम ने बच्चे के संभावित ठिकाने का पता लगाया।
लोकेशन बिहार क्षेत्र में मिलने के बाद पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बिहार के लिए रवाना होकर संबंधित क्षेत्र में तलाश शुरू कर दी। पुलिस की तत्परता और तकनीकी सूझबूझ के परिणामस्वरूप टीम बगहवा क्षेत्र तक पहुंची और वहां से बालक बालाजी उर्फ अतुल को सकुशल बरामद कर लिया।
पिता और दादा को साथ लेकर बिहार पहुंची पुलिस
बच्चे की बरामदगी की कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने उसके पिता संदीप शर्मा और दादा सुभाष शर्मा को भी साथ रखा। बिहार के बगहवा क्षेत्र में बालक के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
बरामदगी के बाद बालक को उसके पिता संदीप शर्मा के सुपुर्द कर दिया गया। मासूम को अपनी आंखों के सामने सुरक्षित देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
बच्चे को देखकर मां की आंखों से छलके आंसू
कई घंटों से अपने बच्चे की चिंता में परेशान मां ने जैसे ही बालाजी को सुरक्षित देखा, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। परिजनों के मुताबिक बच्चे के गायब होने के बाद परिवार में हर कोई बेहद परेशान था।
बच्चे के सकुशल वापस आने के बाद मां उसे बार-बार अपने सीने से लगाती रहीं। खुशी और भावुकता का ऐसा माहौल रहा कि मां की हालत कई बार बिगड़ गई और वह बेहोश होने लगीं। परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक कर देने वाला रहा।
आरोपी गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद यह भी स्पष्ट हुआ कि बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए सूचना मिलते ही पुलिस ने समय गंवाए बिना तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया और दूसरे राज्य तक पहुंचकर कार्रवाई की।
पुलिस कप्तान को दादा ने दिया धन्यवाद
बालाजी के दादा सुभाष शर्मा ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए रवींद्र नगर धूस पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को बिहार से सकुशल बरामद किया, उसके लिए पुलिस टीम बधाई की पात्र है।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन तथा थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह और वरिष्ठ उपनिरीक्षक महेंद्र यादव सहित पूरी पुलिस टीम का आभार जताया।
पुलिस की तत्परता की हो रही सराहना
मासूम बालाजी की सकुशल बरामदगी के बाद स्थानीय लोगों में भी पुलिस की कार्रवाई की चर्चा है। लोगों का कहना है कि बच्चे के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की।
पूरी कार्रवाई का श्रेय पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन, रवींद्र नगर धूस पुलिस की तत्परता और तकनीकी सूझबूझ को दिया जा रहा है।
थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह एवं वरिष्ठ उपनिरीक्षक महेंद्र यादव ने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम को सक्रिय कर दिया गया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया। मामले में आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नागपंचमी के दिन छिनी खुशियां फिर लौटीं
नागपंचमी के दिन परिवार से अचानक छिनी खुशियां कुछ ही घंटों बाद वापस लौट आईं। जिस घर में बच्चे के लापता होने से चीख-पुकार और चिंता का माहौल था, उसी घर में बालाजी के सुरक्षित लौटने के बाद खुशी के आंसू छलक पड़े।
अपने लाल को गोद में पाकर माता-पिता और दादा-दादी की आंखें नम हो गईं। परिवार ने राहत की सांस लेते हुए पुलिस टीम का आभार जताया।
रिपोर्ट: के. एन. साहनी
एडिटर सच्ची रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश