
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण को मिलेगी नई भव्यता,,
22.53 करोड़ रुपये की मूल स्वीकृति, 17.59 करोड़ की अनुबंधित लागत से होगा आधुनिकीकरण
कुशीनगर। प्रदेश सरकार की ओर से ऐतिहासिक एवं पौराणिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के क्रम में कुशीनगर स्थित राजकीय बौद्ध संग्रहालय के व्यापक सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण का कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि परियोजना से संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर संग्रहालय अनुभव मिल सकेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित इस परियोजना की मूल स्वीकृति 2252.83 लाख रुपये (लगभग 22.53 करोड़ रुपये) है, जबकि कार्य की अनुबंधित लागत 1759.44 लाख रुपये (लगभग 17.59 करोड़ रुपये) निर्धारित की गई है।
परियोजना का कार्य 12 जुलाई 2026 से प्रारम्भ हुआ है और इसे 11 जनवरी 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण में परियोजना के लिए 300 लाख रुपये (3 करोड़ रुपये) की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में कार्य की भौतिक प्रगति लगभग 01 प्रतिशत बताई गई है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा संग्रहालय
सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण परियोजना के तहत संग्रहालय में इंटीरियर फिनिशिंग, सीसीटीवी सर्विलांस एवं सिक्योरिटी सिस्टम, आंतरिक एवं बाहरी प्रकाश व्यवस्था, साइनेज एवं ग्राफिक्स पैनल, ऑडियो-विजुअल एवं इंटरएक्टिव सिस्टम, कंटेंट डेवलपमेंट, ऑडियो एवं पीए सिस्टम सहित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।
इसके अलावा सेट्स, आर्टवर्क, डायरामा एवं आर्ट इंस्टॉलेशन, सिविल कार्य, एचवीएसी एवं इलेक्ट्रिकल कार्य, स्कल्पचर तथा लैंडस्केपिंग जैसे कार्य भी परियोजना में शामिल हैं।
बौद्ध विरासत को मिलेगा नया स्वरूप
जिलाधिकारी ने कहा कि राजकीय बौद्ध संग्रहालय में संरक्षित बौद्ध, जैन एवं कुशीनगर क्षेत्र में पुरातात्विक उत्खनन से प्राप्त प्राचीन धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इससे कुशीनगर की समृद्ध बौद्ध विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कार्यदायी संस्था को परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
सच्ची रिपोर्ट | कुशीनगर








