तेजप्रताप सिंह कसया कुशीनगर
जनहित का सवाल: आखिर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी कहाँ है?
कसया। आम का मौसम अपने चरम पर है, लेकिन बाजारों में फलों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि कई दुकानों पर ग्राहक को बाहर से अच्छे दिखने वाले आम काली पन्नी में पैक कर दिए जाते हैं, जबकि घर पहुंचने पर उनमें से कई आम डंठल के पास से सड़े हुए या खराब निकलते हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि भीड़ और जल्दबाजी के कारण मौके पर हर फल की जांच या दोबारा वजन कराना संभव नहीं होता। ऐसे में यदि खराब गुणवत्ता का सामान दिया जा रहा है, तो यह सीधे उपभोक्ता के विश्वास और अधिकारों पर प्रश्नचिह्न है।
कसया गांधी चौक से एसडीएम आवास के सामने स्थित क्षेत्र में भी एक ऐसा मामला सामने आया, जहां खरीदे गए चौसा आम घर पहुंचने पर खराब पाए जाने का दावा किया गया। यदि यह शिकायत सही है, तो यह केवल एक ग्राहक की समस्या नहीं, बल्कि बाजार में खाद्य गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है।
जनहित में मांग है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety Department) कसया नगर के फल बाजारों में विशेष जांच अभियान चलाए, खराब एवं सड़े फल बेचने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करे तथा इलेक्ट्रॉनिक कांटे, गुणवत्ता और पैकिंग की भी जांच कराए।
यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया गया या कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई है, तो जिलाधिकारी से अपेक्षा है कि वे पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपभोक्ता का अधिकार सुरक्षित रखना केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही भी है। जनता यह जानना चाहती है कि बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है।