कुबेरस्थान में लगातार बिजली कटौती से आमजन बेहाल, गर्मी में बढ़ी परेशानी
मुरारी गुप्ता कुशीनगर
कुबेरस्थान क्षेत्र में इन दिनों लगातार हो रही बिजली कटौती से आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बाजारों तक हर जगह लोग बिजली व्यवस्था को लेकर नाराज दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात, बिना किसी पूर्व सूचना के बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। कई गांवों में 6 से 8 घंटे तक बिजली नहीं मिल रही, जबकि कुछ इलाकों में लगातार ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। रात के समय बिजली कटने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
गर्मी के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पंखे और कूलर बंद होने से लोग रात भर जागने को मजबूर हैं। वहीं पेयजल संकट भी गहराने लगा है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की सप्लाई मोटर और सबमर्सिबल पंप पर निर्भर है। बिजली नहीं रहने से लोगों को पीने के पानी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
कुबेरस्थान बाजार के व्यापारियों ने बताया कि लगातार बिजली कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों, आटा चक्की, वेल्डिंग, साइबर कैफे और छोटे उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि कई बार अचानक बिजली आने-जाने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर केवल तकनीकी खराबी या लाइन फॉल्ट का हवाला दिया जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी बिजली संकट पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार और विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समस्या का समाधान कराने और बिजली आपूर्ति को सुचारु करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। लोगों की मांग है कि बिजली कटौती का निश्चित समय तय किया जाए और बिना सूचना के आपूर्ति बाधित न की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।