नैनो उर्वरकों पर आधारित कृषक गोष्ठी का आयोजन, किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी


कुशीनगर जनपद के विकास खंड नेबुआ नौरंगिया अंतर्गत ग्राम सभा सेकुईय में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को इफको नैनो एवं जैव उर्वरकों पर आधारित कृषक गोष्ठी सह जैव उर्वरक अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
गोष्ठी में ग्राम प्रधान दिलीप कुमार राय, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश राय, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं इफको कार्डेट डॉ. मनबोध प्रसाद सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
इफको कुशीनगर के क्षेत्र अधिकारी अनमोल रत्न मिश्रा ने किसानों को फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए नैनो डीएपी, नैनो यूरिया प्लस, नैनो जिंक एवं नैनो कॉपर के प्रयोग की विधि और उसके लाभ विस्तार से बताए। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी का 5 मिलीलीटर प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन तथा 5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर जड़ शोधन किया जा सकता है। इसके बाद आधे घंटे सुखाकर बुवाई या रोपाई करनी चाहिए।
फसल में पत्तियां आने के बाद नैनो यूरिया प्लस या नैनो डीएपी के साथ 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई। वहीं, दूसरी टॉप ड्रेसिंग में दानेदार यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया प्लस के छिड़काव पर जोर दिया गया। जिंक की कमी होने पर नैनो जिंक 1-2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की जानकारी दी गई।
बताया गया कि 500 मिलीलीटर नैनो डीएपी की एक बोतल से लगभग 100 किलोग्राम बीज का शोधन किया जा सकता है, जिसकी कीमत लगभग 600 रुपये है, जो पारंपरिक डीएपी की तुलना में काफी सस्ता है। इसके उपयोग से बीज अंकुरण बेहतर होता है तथा जड़ों का विकास मजबूत होता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होती है।
कार्यक्रम में किसानों को यह भी बताया गया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी आती है और अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से जल, मृदा एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकता है।
डॉ. मनबोध प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से दानेदार उर्वरकों पर सरकार द्वारा दी जाने वाली भारी सब्सिडी में भी कमी लाई जा सकती है। साथ ही उन्होंने सागरिका, लिक्विड कंसोर्टिया, धरामृत, न्यूट्राक्स एवं जल विलेय उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान जैव उर्वरक एनपीके कंसोर्टिया के प्रयोग की विधि समझाई गई और उपस्थित किसानों को निःशुल्क जैव उर्वरक का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर एसएफए अभिषेक दुबे, एसएफए हॉटस्पॉट अंगद गिरी सहित 50 से अधिक किसानों ने सहभागिता की।

Related Post

Leave a Comment