बिना डिग्री व पंजीकरण के वर्षों से चल रहा दवाखाना, स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर उठे सवाल

कप्तानगंज (कुशीनगर)।
कप्तानगंज क्षेत्र के अजीज नगर निवासी डॉ. सिराज अहमद द्वारा हरिहरनाथ टोला, वार्ड नम्बर 17 चकबंदी चौक बाईपास पर वर्षों से कथित रूप से बिना वैध चिकित्सा डिग्री और पंजीकरण के दवाखाना संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रहा है, जबकि उसके पास न तो मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री है और न ही किसी प्रकार का वैधानिक पंजीकरण।
सूत्रों के अनुसार, यह दवाखाना स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी व संरक्षण में संचालित हो रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इस तरह के कथित अवैध चिकित्सा कार्य पर रोक लग सकती थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस दवाखाने में आने वाले अधिकांश मरीज गरीब और अशिक्षित वर्ग से होते हैं, जिन्हें कथित रूप से गुमराह कर उपचार किया जाता है। इससे न केवल मरीजों की आर्थिक क्षति हो रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवन के साथ भी गंभीर खिलवाड़ होने की आशंका जताई जा रही है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बिना योग्य डॉक्टर द्वारा किया गया इलाज कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में गलत दवाइयों और गलत उपचार से मरीजों की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
इस पूरे मामले में प्रभारी चिकित्साधिकारी, कप्तानगंज की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी कुशीनगर से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित व्यक्ति एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार के कथित अवैध दवाखानों पर रोक लग सके और आमजन का जीवन सुरक्षित रह सके।