रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दावों पर उठे सवाल, पूर्वांचल एक्सप्रेस के एसी कोच में अव्यवस्था से यात्रियों का सफर हुआ मुश्किल

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दावों पर उठे सवाल, पूर्वांचल एक्सप्रेस के एसी कोच में अव्यवस्था से यात्रियों का सफर हुआ मुश्किल
जसीडीह/देवरिया। भारतीय रेलवे में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के दावों के बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस (15047) के थ्री टियर एसी कोच बी-3 में यात्रा कर रहे यात्रियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। जसीडीह रेलवे स्टेशन (झारखंड) से गोरखपुर के लिए यात्रा कर रहे पत्रकारों के एक दल सहित अन्य आरक्षित यात्रियों ने आरोप लगाया कि कई महीने पहले ऑनलाइन आरक्षण कराने के बावजूद उन्हें अपनी सीट तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
यात्रियों के अनुसार बड़ी संख्या में बिना आरक्षण वाले एवं स्थानीय यात्री एसी कोच में प्रवेश कर गए, जिससे कोच में भीड़ हो गई और आरक्षित यात्रियों की सुविधा प्रभावित हुई। स्थिति ऐसी थी कि कई यात्रियों को अपनी आरक्षित सीट तक पहुंचने में कठिनाई हुई।
पीड़ित यात्रियों ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शिकायत पर केवल आश्वासन दिया गया, लेकिन जसीडीह से लेकर देवरिया रेलवे स्टेशन तक न तो कोई टीटीई टिकट जांच के लिए पहुंचा और न ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का कोई जवान कोच का निरीक्षण करने आया। यात्रियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
गोरखपुर के वरिष्ठ पत्रकार के. एन. साहनी ने कहा कि यदि एसी कोच में भी आरक्षित यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह रेलवे प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस मामले का संज्ञान लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की।
कुशीनगर के पत्रकार तेजप्रताप सिंह, कसया के पत्रकार दिनेश चौहान तथा ध्रुवराज यादव ने भी रेल प्रशासन के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब आरक्षित कोच में टीटीई और सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं रहेंगे तो यात्रियों का सुरक्षित एवं सुगम सफर कैसे सुनिश्चित होगा।
यात्रियों ने मांग की है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस सहित सभी लंबी दूरी की ट्रेनों के एसी कोचों में नियमित टिकट जांच, आरपीएफ की प्रभावी गश्त तथा हेल्पलाइन 139 पर दर्ज शिकायतों का तत्काल मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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