कुशीनगर में बाल विवाह के खिलाफ जनजागरण, हजारों महिलाओं व छात्राओं ने निकाली पथयात्रा
कुशीनगर
✍️ रिपोर्ट: के.एन. साहनी
जनपद कुशीनगर में सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिनांक 18 अप्रैल 2026 को वृहद् पथयात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक श्री मनीष जायसवाल ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, शिक्षकों, छात्राओं एवं हजारों की संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री अरुण कुमार दूबे ने महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, एनआरएलएम के अंतर्गत “लखपति दीदी योजना”, बीसी सखी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पूरक पोषण तथा गोदभराई जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर श्री नलिन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न टोल फ्री नंबरों—181, 1090, 102, 108, 1076, 1098, 101, 9030 एवं 112—की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये नंबर आपातकालीन सहायता और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।
वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री रामजियावन मौर्या ने बाल विवाह के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छात्राओं को इसके खिलाफ जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है।
कार्यक्रम के अंत में सदर विधायक श्री मनीष जायसवाल ने सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई और समाज से इस कुप्रथा को समाप्त करने का आह्वान किया।



कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा:
“कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है।”
यह आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिसमें प्रशासन और जनता ने मिलकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
