धर्मांतरण जैसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग
राजन जायसवाल बोले—किसी भी सूरत में नहीं होने देंगे धर्मांतरण
कुशीनगर। विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष राजन जायसवाल ने धर्मांतरण की कथित गतिविधियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना और उपचार के नाम पर यदि कहीं लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने की शिकायत सामने आती है तो प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
राजन जायसवाल ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर ईसाई मिशनरी गतिविधियों की आड़ में लोगों को प्रभावित करने तथा धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन, दबाव या किसी अन्य अनुचित माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
उन्होंने हाल के कुछ मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार के गोबरहिया क्षेत्र में कथित धार्मिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की गई और एक पास्टर को जेल भेजे जाने की बात सामने आई। इसी क्रम में कुशीनगर के पडरौना कोतवाली क्षेत्र के खिरकिया में भी प्रार्थना सभा और उपचार के नाम पर कथित धर्मांतरण की शिकायत का मामला सामने आया, जिसमें एक पास्टर की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि रविंद्रनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में भी प्रार्थना सभा से संबंधित शिकायत की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल संबंधित लोगों और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और यदि कहीं धर्मांतरण संबंधी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
राजन जायसवाल ने कहा कि “हमारा उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ अभियान चलाना नहीं, बल्कि जबरन, प्रलोभन अथवा कथित अनुचित माध्यमों से होने वाले धर्मांतरण की गतिविधियों पर रोक लगाना है।” उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि समाज में धार्मिक सौहार्द और आपसी विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दें।

