कुशीनगर में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी!
रेडियोलॉजिस्ट की गैरमौजूदगी में जांच मिली तो केंद्र सील, संचालक के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई का भरोसा
कुशीनगर। जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कार्यप्रणाली को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। बिना योग्य रेडियोलॉजिस्ट की निर्धारित भूमिका और आवश्यक निगरानी के अल्ट्रासाउंड जांच किए जाने की शिकायतों के बीच अब ऐसे केंद्रों की जांच कर कार्रवाई किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश जी एवं एडिशनल सीएमओ ने अनियमितता मिलने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
101 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन पर उठे सवाल
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जनपद कुशीनगर में करीब 101 अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं। आरोप है कि कई केंद्रों ने रेडियोलॉजिस्ट की डिग्री और दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण तो करा लिया, लेकिन संबंधित डॉक्टरों की वास्तविक उपस्थिति और उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतें यह भी हैं कि कुछ केंद्रों पर तकनीशियनों के माध्यम से अल्ट्रासाउंड जांच कराई जाती है।
हालांकि, इन दावों की केंद्रवार आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कागजों पर डॉक्टर, जांच कौन कर रहा है?
विभागीय सूत्रों का दावा है कि जिले में केवल तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट की मौजूदगी में जांच किए जाने की जानकारी मिली है। शेष केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था से सीधे जुड़ता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन डॉक्टरों की डिग्री के आधार पर केंद्रों का पंजीकरण कराया गया है, उनकी वास्तविक भूमिका क्या है? क्या वे निर्धारित समय पर केंद्रों में मौजूद रहते हैं? जांच रिपोर्ट कौन जारी करता है और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
सीएमओ और एडिशनल सीएमओ ने दिया कार्रवाई का भरोसा


इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश जी एवं एडिशनल सीएमओ ने अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया है। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की आगामी जांच और कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित डॉक्टरों से यह स्पष्टीकरण मांगे जाने की संभावना है कि उन्होंने किन-किन अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण में अपनी डिग्री और दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, केंद्रों पर उनकी उपस्थिति, जिम्मेदारी और जांच रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा सकती है।
केंद्र सील करने से लेकर मुकदमे तक की कार्रवाई संभव
यदि जांच में पंजीकरण की शर्तों का उल्लंघन, अनधिकृत जांच अथवा अन्य कानूनी अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो नियमानुसार केंद्र को सील करने और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
अब अभियान नहीं, ठोस कार्रवाई का इंतजार
अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि कार्रवाई केवल कागजी अभियान तक सीमित रहेगी या वास्तव में प्रत्येक केंद्र के दस्तावेजों, रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता और जांच प्रक्रिया का सत्यापन किया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश जी और एडिशनल सीएमओ द्वारा कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की अगली पहल महत्वपूर्ण होगी। जांच में किन केंद्रों पर अनियमितताएं मिलती हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आधिकारिक कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगा।

रिपोर्ट: के.एन. साहनी, कुशीनगर
