
ग्रामीण अंचल में शिक्षा की नई पहचान बना सहोदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल,,

कुशीनगर। बदलते शैक्षिक परिवेश में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सहोदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, संडी खुर्द, जानकी नगर, पडरौना (कुशीनगर) आज शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है। विद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाना है।
विद्यालय के प्रबंधक श्री महेंद्र सिंह ने बताया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है। उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी महानगरों के विद्यालयों जैसी आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारण किसी भी प्रतिभा के विकास में बाधा न बनें।
विद्यालय में नर्सरी से कक्षा 8 तक सीबीएसई पैटर्न पर आधारित शिक्षा, डिजिटल कक्षाएं, अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षक, खेलकूद, योग, सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की समुचित व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे वे शिक्षा के साथ-साथ जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल हो सकें।
विद्यालय का आदर्श वाक्य “Roots to Grow, Wings to Fly” बच्चों को अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा देता है। सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण विद्यालय की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
प्रबंधक श्री महेंद्र सिंह का कहना है कि उनका संकल्प है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, श्रेष्ठ संस्कार और आधुनिक तकनीक से जोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बनाया जाए। इसी सोच के साथ विद्यालय निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और आधुनिक शिक्षण पद्धति के कारण सहोदरा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल आज कुशीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल में अभिभावकों के विश्वास का केंद्र बनता जा रहा है। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
सच्ची रिपोर्ट
के. एन. साहनी
प्रदेश ब्यूरो