🔴 बड़ी खबर: ‘पूर्वांचल के गांधी’ डॉ0संपूर्णानंद मल्ल गिरफ्तार, भेजे गए गोरखपुर जिला कारागार; समर्थकों में भारी आक्रोश
गोरखपुर / कुशीनगर ब्यूरो:
पूर्वांचल के जाने-माने समाजसेवी, प्रखर वक्ता और प्रबुद्ध समाज के मार्गदर्शक डॉ. संपूर्णानंद मल्ल की गिरफ्तारी की खबर ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद डॉ. मल्ल को जिला कारागार, गोरखपुर भेज दिया गया है। अपने बेबाक अंदाज और जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए ‘पूर्वांचल का गांधी’ कहे जाने वाले डॉ. संपूर्णानंद मल्ल की इस गिरफ्तारी से प्रबुद्ध वर्ग, छात्रों और उनके समर्थकों में गहरा रोष व्याप्त है।
📌 क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. संपूर्णानंद मल्ल पिछले काफी समय से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। हाल ही में उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई और विभिन्न नियुक्तियों में हो रही धांधली के खिलाफ मुखर होकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इस संबंध में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा था।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि उनकी इसी बेबाकी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के चलते, पुलिस ने उन पर कानूनी शिकंजा कसा और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
🗣️ सोशल मीडिया और क्षेत्र में उठा विरोध का स्वर
जैसे ही डॉ. मल्ल की गिरफ्तारी की खबर कुशीनगर और गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल में फैली, सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन के इस कदम की तीखी आलोचना करने लगे हैं। समर्थकों का आरोप है कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से उठने वाली सच की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है। प्रबुद्ध समाज के लोगों का कहना है कि एक पूर्व शिक्षक और सम्मानित नागरिक के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है।
⚖️ क्या होगा अगला कदम?
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल के करीबियों और कानूनी टीम ने उनकी रिहाई के लिए कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर, सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द ससम्मान रिहा नहीं किया गया, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
संपादकीय नोट: इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जैसे ही कोई नया अपडेट या पुलिस का पक्ष सामने आता है, हम आप तक पहुंचाएंगे। देखते रहिए, पल-पल की निष्पक्ष कवरेज।