मुख्यमंत्री ने महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
450 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा कृषि विश्वविद्यालय, पूर्वांचल के किसानों और युवाओं के लिए बनेगा वरदान : मुख्यमंत्री
ब्यूरो रिपोर्ट, सच्ची रिपोर्ट न्यूज, कुशीनगर
जनपद कुशीनगर के विकास को नई दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह विश्वविद्यालय पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य किसानों की उत्पादन लागत को कम करना, कृषि उत्पादन बढ़ाना और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। यहां कृषि अनुसंधान, तकनीकी प्रशिक्षण तथा आधुनिक खेती से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को कृषि एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा अपने ही जनपद में उपलब्ध होगी। साथ ही कृषि आधारित उद्योगों और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि निर्माण कार्यों में किसी कारणवश विलंब होता है तो विद्यार्थियों के हित में अस्थायी भवन या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि विश्वविद्यालय का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो और शीघ्र इसका संचालन प्रारंभ हो। इसके लिए सरकार हर संभव संसाधन और सहयोग उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि कुशीनगर अब पिछड़े जनपद की पहचान से बाहर निकलकर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है, कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है तथा अपराध और माफियावाद पर अंकुश लगा है। इससे निवेश और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई सड़कें और राजमार्ग जैसी परियोजनाएं तेजी से विकास को गति दे रही हैं। उन्होंने बताया कि देवरिया-कसया फोरलेन मार्ग को स्वीकृति मिल चुकी है तथा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के तहत क्षेत्रीय संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क, एयर कनेक्टिविटी, मेडिकल कॉलेज और कृषि विश्वविद्यालय जैसी परियोजनाएं कुशीनगर को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा जनपद की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पूर्वांचल के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तथा नवाचार के नए युग की शुरुआत करेगा।
इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi, सांसद एवं विधायकगण, जिलाधिकारी Mahendra Singh Tanwar, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
