“युद्ध रहित वसुंधरा” के लिए पूर्वांचल गांधी ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र

“युद्ध रहित वसुंधरा” के लिए पूर्वांचल गांधी ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र

तीन ज्ञापन प्रेषित, लखनऊ इमामबाड़ा में 9 से 11 मार्च तक शांति प्रार्थना की घोषणा

ओम पत्रिका न्यूज | टीम गोरखपुर
गोरखपुर।

पूर्वांचल के प्रख्यात सामाजिक चिंतक एवं शांतिवादी विचारक डॉ. संपूर्णानंद मल्ल पूर्वांचल गाँधी ने विश्व में बढ़ती हिंसा और युद्ध की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत पत्र और तीन ज्ञापन प्रेषित किए हैं। इन ज्ञापनों में उन्होंने “युद्ध रहित पृथ्वी” की अवधारणा को साकार करने के लिए भारत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति पहल करने की मांग की है।
डॉ.गाँधी ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में युद्ध और हिंसा के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है। विशेष रूप से बच्चों और आम नागरिकों की मौत मानवता के लिए गंभीर संकट है। उन्होंने लिखा कि ऐसी परिस्थिति में भारत, जो गौतम बुद्ध और महात्मा गांधी की अहिंसा और शांति की परंपरा का वाहक है, उसे विश्व को शांति का संदेश देने के लिए आगे आना चाहिए।
“पीस एक्सपीडिशन” भेजने की मांग
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि भारत सरकार की ओर से एक “पीस एक्सपीडिशन” गठित कर उसे इजराइल, फिलिस्तीन और United Nations में भेजा जाए, ताकि युद्ध विराम और शांति वार्ता की पहल हो सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस शांति मिशन में देश की प्रतिष्ठित महिला हस्तियों को शामिल किया जाए, जो दुनिया को यह संदेश दें कि भारत युद्ध नहीं बल्कि शांति का मार्ग दिखाने वाला देश है।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि “दुनिया में हिंसा और नफरत के बीच बुद्ध और गांधी के दिए हुए शांति और अहिंसा के हथियार आज भी सबसे शक्तिशाली हैं। भारत को इन मूल्यों के साथ विश्व में शांति की पहल करनी चाहिए।”
कुशीनगर से शांति संदेश
डॉ. मल्ल ने बताया कि 1 मार्च 2026 को उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर कुशीनगर की पावन धरती से “युद्ध रहित वसुंधरा” के लिए पदयात्रा और शांति संदेश जारी किया। इसके साथ ही गोरखपुर मंडल के आयुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को तीन अलग-अलग ज्ञापन भेजे गए।
उन्होंने कहा कि कुशीनगर वह पवित्र भूमि है जहां भगवान बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था और जहां से विश्व को शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश मिला। इसलिए इसी धरती से विश्व शांति का संदेश भेजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
तीन ज्ञापनों में उठाई गई प्रमुख मांगें
डॉ. मल्ल द्वारा भेजे गए ज्ञापनों में तीन प्रमुख विषयों को उठाया गया है

1. युद्ध रहित वसुंधरा:
विश्व में चल रहे युद्धों को रोकने और शांति वार्ता के लिए भारत की पहल।

2. राष्ट्रीय एकता का संदेश:
धर्म और जाति के आधार पर समाज में बढ़ती विभाजनकारी प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए देश में सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की अपील।

3. पत्रकार और वकीलों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा:
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता और न्याय व्यवस्था से जुड़े वकीलों के लिए सामाजिक सुरक्षा, मुफ्त चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना में सहायता और वृद्धावस्था पेंशन की व्यवस्था की मांग।

लखनऊ में दो दिवसीय शांति प्रार्थना
डॉ. मल्ल ने घोषणा की कि विश्व शांति और “युद्ध रहित पृथ्वी” की कामना के लिए 9 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे से 11 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे तक लखनऊ के बड़ा इमामबाड़ा में लगातार प्रार्थना और ध्यान का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रार्थना में विभिन्न धर्मों और समाज के लोग शामिल होकर विश्व शांति के लिए प्रार्थना करेंगे।
सत्याग्रह की चेतावनी
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यदि विश्व में युद्ध और हिंसा नहीं रुकी तो वे भविष्य में United Nations के मुख्यालय के सामने जाकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि “हम युद्ध नहीं देखना चाहते, क्योंकि मनुष्य मां के गर्भ से युद्ध लेकर पैदा नहीं होता। दुनिया को अब युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध और गांधी की शांति का मार्ग अपनाना होगा।”

(ओम पत्रिका न्यूज – टीम गोरखपुर)

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