मकान खाली कराने के विवाद में किराएदार महिला से मारपीट और छिनैती का आरोप

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मकान खाली कराने के विवाद में किराएदार महिला से मारपीट और छिनैती का आरोप

कसया में घर में घुसकर अभद्रता करने का भी दावा, पीड़िता ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार

कुशीनगर। कसया थाना क्षेत्र के अहिरौली में मकान खाली कराने को लेकर किराएदार महिला के साथ कथित मारपीट, अभद्रता और छिनैती का मामला सामने आया है। पीड़िता सुमन श्रीवास्तव ने मकान मालिक और उनके परिजनों पर घर में जबरन घुसकर मारपीट करने, सामान बाहर फेंकने, आभूषण और नकदी छीनने का आरोप लगाते हुए थानाध्यक्ष कसया को शिकायती पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

सुबह छह बजे मकान खाली कराने को लेकर विवाद

शिकायत के मुताबिक, सुमन श्रीवास्तव पत्नी दीपक श्रीवास्तव पिछले करीब दो वर्षों से सपहा रोड पर मथौली स्टेट बैंक के पास स्थित एक मकान में किराए पर रह रही हैं। पीड़िता का दावा है कि उन्होंने किराया समय से अदा किया है और कोई बकाया नहीं है। आरोप है कि 26 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब छह बजे गणेश लाल श्रीवास्तव और उनके परिजन मकान खाली कराने पहुंचे। पीड़िता ने कुछ दिनों का समय मांगा तो विवाद बढ़ गया और कथित तौर पर उनके घर में जबरन प्रवेश कर लिया गया।

महिला को पीटने और सड़क पर सामान फेंकने का आरोप

पीड़िता के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें और उनकी मां-बहन को गाली दी गई। आरोप है कि हाथ पकड़कर उन्हें घर से बाहर सड़क पर खींचा गया और सामान बाहर फेंका जाने लगा। शिकायत में रंजीत श्रीवास्तव और मनु श्रीवास्तव पर महिला को दूसरे कमरे में ले जाकर पटकने, लात-घूंसों से मारने तथा बाल पकड़कर जमीन पर घसीटने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने अभद्रता और जबरदस्ती किए जाने की बात भी शिकायत में कही है।

आभूषण, 40 हजार रुपये और मोबाइल छीनने की शिकायत

सुमन श्रीवास्तव का आरोप है कि विवाद के दौरान बक्सा तोड़कर उसमें रखे चांदी की पायल, कंगन, सोने का मंगलसूत्र और एक जोड़ी झुमका सहित आभूषण निकाल लिए गए। इसके अलावा बैग में रखे 40 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीनने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता के मुताबिक, बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पति दीपक श्रीवास्तव के साथ भी मारपीट की गई।

112 पुलिस पहुंची, मोबाइल वापस मिलने का दावा

पीड़िता ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची। उनके अनुसार, पुलिस के हस्तक्षेप से मोबाइल फोन वापस मिल गया। उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण तत्काल चिकित्सकीय परीक्षण नहीं करा पाने की बात भी कही है। शिकायत में आरोपित पक्ष की ओर से जान-माल की धमकी दिए जाने का उल्लेख करते हुए गवाहों के सामने आने में डरने की बात कही गई है।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें

पीड़िता ने थानाध्यक्ष कसया से शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज करने और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, मामले में पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रिपोर्ट: के.एन. साहनी, कुशीनगर

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