ऑपरेशन कन्विक्शन: कुशीनगर में मासूम से दरिंदगी के दोषी को 20 साल की कठोर कैद, 1 लाख जुर्माना

कुशीनगर (ब्यूरो): उत्तर प्रदेश सरकार के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत कुशीनगर पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद की पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक संवेदनशील मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। माननीय न्यायालय ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बिहार का रहने वाला है दोषी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सजा पाने वाले अभियुक्त की पहचान अमरनाथ महतो (पुत्र मिश्री महतो) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रघुनंदनपुर, थाना फुलवरिया, जनपद गोपालगंज (बिहार) का निवासी है। अभियुक्त के खिलाफ कुशीनगर के थाना सेवरही पर मुकदमा अपराध संख्या 195/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 ए बी और 5m/6 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज था।
मॉनिटरिंग सेल और मजबूत पैरवी से मिली सफलता
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत स्थानीय पुलिस और मॉनिटरिंग सेल ने इस मामले को प्राथमिकता पर लिया। विशेष लोक अभियोजकों द्वारा अदालत में अकाट्य साक्ष्य और प्रभावी दलीलें पेश की गईं। जिसके फलस्वरूप मंगलवार (19 मई 2026) को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट नंबर-01), पडरौना, जनपद कुशीनगर ने अभियुक्त को अपराध का दोषी पाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान किया है।
इस टीम ने निभाई अहम भूमिका
जघन्य अपराध में लिप्त अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने में कुशीनगर पुलिस और कानूनी टीम का सराहनीय योगदान रहा। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
- विवेचक: निरीक्षक श्री हर्षवर्धन सिंह एवं निरीक्षक संजय कुमार
- अभियोजन अधिकारी: एसपीपी श्री संजय कुमार तिवारी एवं श्री सुनील कुमार मिश्रा
- थाना प्रभारी (सेवरही): श्री विनय सिंह
- कोर्ट पैरोकार: कांस्टेबल श्रीकांत मौर्य
एसपी कुशीनगर का संदेश: “महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कुशीनगर पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के माध्यम से अपराधियों को कम से कम समय में कड़ी सजा दिलाने के लिए हमारी टीम लगातार कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर रही है, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।”